धमतरी : रक्षाबंधन केवल कलाई पर बंधने वाली राखी का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, अपनत्व और रिश्तों को दिल से जोड़ने का पर्व है। इसी मानवीय भावना को साकार करते हुए कृष्णा पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने इस रक्षाबंधन पर मूक-बधिर बच्चों के साथ एक यादगार और भावुक पल साझा किया।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने विशेष बच्चों से मुलाकात की, उन्हें राखी बांधी और उपहार भेंट कर उनके चेहरों पर खुशियाँ बिखेरीं। भाषा की सीमाएँ थीं, लेकिन मुस्कुराहटों ने हर दूरी मिटा दी और प्रेम ने हर संवाद को आसान बना दिया।
राखी बांधने के बाद सभी बच्चों ने साथ मिलकर विभिन्न मनोरंजक खेलों में भाग लिया। हंसी-खुशी, तालियों और नृत्य से वातावरण उत्सवमय हो उठा। बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान इस बात की खूबसूरत गवाही थी कि खुशियाँ बाँटने से कभी कम नहीं होतीं, बल्कि और बढ़ जाती हैं।
इस विशेष पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, करुणा, समानता, सहयोग और समावेशिता की भावना विकसित करना था। विद्यालय का मानना है कि विशेष बच्चे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें प्रेम, सम्मान तथा समान अवसर मिलना उनका अधिकार है। ऐसे अनुभव बच्चों को किताबों से परे जीवन की वह सीख देते हैं, जो लंबे समय तक उनके हृदय में बनी रहती है।
कार्यक्रम विद्यालय की उप-प्राचार्या सुप्रिया मेश्राम के नेतृत्व में संपन्न हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष बच्चों के साथ सहजता से घुलने-मिलने, उनके साथ समय बिताने और अपनी खुशियाँ साझा करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिकाओं देविका गुप्ता, गरिमा गोस्वामी, रेणुका गुप्ता, कल्पना सेन, स्वप्ना पदमवार एवं रुचि यादव का विशेष योगदान रहा।
यह रक्षाबंधन बच्चों के लिए महज एक उत्सव नहीं था, बल्कि दिलों को जोड़ने, भेदभाव से परे रिश्तों को महसूस करने और इंसानियत को जीने का एक खूबसूरत अनुभव था। क्योंकि कुछ रिश्ते शब्दों से नहीं, बस एक छोटी-सी राखी, एक मुस्कान और ढेर सारे प्यार से बन जाते हैं।
