संतानों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की कामना के साथ माताओं ने रखा कठिन व्रत - मोनिका देवांगन

 ग्राम अछोटा में मातृशक्ति ने परंपरागत विधि-विधान से मनाया कमरछठ पर्व

धमतरी। ग्राम अछोटा में कमरछठ (हलषष्ठी) के पावन अवसर पर मातृशक्ति द्वारा अपनी संतानों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना को लेकर परंपरा अनुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर व्रत बड़े ही श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में माताएं एकत्रित हुईं और सामूहिक रूप से सगरी की पूजा-अर्चना कर कमरछठ व्रत की परंपरा निभाई।

कमरछठ पर्व पर माताओं ने भगवान गणेश एवं शिव-पार्वती  की पूजा-अर्चना के साथ सगरी की विधिवत पूजा की। इस व्रत में भैंस के दूध, दही एवं घी का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा के दौरान भैंस के घी से दीप प्रज्वलित किया गया तथा सगरी में दूध एवं दही अर्पित कर विधिवत पूजन किया गया।

कमरछठ की पूजा में पारंपरिक रूप से लाई तथा महुआ, गेहूं, चना और मटर सहित छह प्रकार की सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। माताओं द्वारा इन पूजन सामग्रियों को श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया। वहीं इस व्रत में पसहर चावल और बिना हल चलाए हुए छह प्रकार की भाजी  का विशेष महत्व है। व्रत के पश्चात सूर्यास्त से पूर्व पसहर चावल के भात एवं छह प्रकार की भाजियों का सेवन कर माताओं द्वारा व्रत का पारण किया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भ्राता भगवान बलदेव जी के जन्मदिवस को कमरछठ अथवा हलषष्ठी पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व मातृशक्ति के त्याग, तपस्या, ममता और अपनी संतानों के प्रति असीम प्रेम का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत एवं पूजा-अर्चना करने से संतानों को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इस अवसर पर जिला पंचायत सभापति श्रीमती मोनिका देवांगन ने भी अपनी संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की कामना को लेकर कमरछठ का व्रत रखा तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने क्षेत्रवासियों को कमरछठ एवं भगवान बलराम जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

श्रीमती मोनिका देवांगन ने कहा कि ग्राम अछोटा की मातृशक्ति द्वारा वर्षों से परंपरागत रूप से कमरछठ का व्रत किया जा रहा है। गांव की माताएं इस पावन अवसर पर एक स्थान पर एकत्रित होकर सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करती हैं और अपनी संतानों की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करती हैं। हमारी समृद्ध लोकपरंपराएं और धार्मिक संस्कार समाज को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे पर्व हमारी मातृशक्ति की आस्था, त्याग और परिवार के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।


कमरछठ के इस पावन अवसर पर ग्राम अछोटा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ पूजा-अर्चना कर अपनी संतानों के सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की कामना की।

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