तप से आत्मा की शुद्धि होती है, जैन समाज का तपस्या मार्ग सबके लिए प्रेरणादायक : रंजना साहू
धमतरी - श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ द्वारा आयोजित आत्म स्पर्शी चातुर्मास 2026 के तहत तप वर्धामणा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव के दूसरे दिन सुबह जैन समाज का भव्य बरघोड़ा निकाला गया।
बरघोड़ा श्री पार्श्वनाथ जिनालय से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शांति वाटिका पहुंचा। बरघोड़ा में पंच परमेष्ठी श्रेणी तप के सभी तपस्वी रत्न, गुरुकृपा तप के तपस्वी सहित बड़ी संख्या में समाज के महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और भक्ति नारों के साथ पूरा वातावरण धर्ममय हो गया।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्रीमती रंजना डीपेंद्र साहू ने बरघोड़ा का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने तपस्वियों का अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर रंजना साहू ने कहा कि "जैन धर्म त्याग और तपस्या का प्रतीक है। तप से आत्मा की शुद्धि होती है और समाज को नई दिशा मिलती है। जैन समाज द्वारा की जा रही यह कठोर तपस्या हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। पूज्य साध्वी रत्न निधि श्रीजी की निश्रा में यह चातुर्मास महोत्सव बहुत ही पुण्यदायी है।"
उन्होंने सभी तपस्वियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर वीरेन्द्र गोलछा,पूनमचंद गोलछा, संघ के अध्यक्ष विजय गोलछा, संरक्षक भंवरलाल जी छाजेड़, अशोक कुमार राखेचा, निर्मल बारड़िया, कविंद्र जैन,नीरज नाहर, स्वरूपचंद बैद, संकेत बारड़िया, ललित माणेक, जय हिन्दूजा, सूरज शर्मा, दौलत वाधवानी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

